जयपुर में धड़ल्ले से आधी रात तक बिक रही शराब

On
जयपुर में धड़ल्ले से आधी रात तक बिक रही शराब

न्यू आतिश मार्केट मैट्रो पिलर नंबर 44 के सामने स्थित शराब की दुकान (त्यागी वाईन्स) मैं छेद (खिड़की बना )कर रात्रि 8 बजे बाद देर रात तक दीवार में छेद करके शराब धड़ल्ले से बिक रही है ! वह भी मुंहमांगे दामों पर स्थानीय निवासी इस पर अवैध बिक्री के ख़िलाफ़ लामबंद होने को तैयार है मिली जानकारी के अनुसार देर रात शराबियों का जमावडा लगा रहता है,यह स्थिति जयपुर के लगभग सभी सरकारी शराब के ठेकों की है!IMG_0909

मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस की नीति की उड़ा रहे धज्जियां!
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में लगे अधिकारी मुख्यमंत्री की छवि को करने से ख़राब करने में लगे हुए हैं! शराब माफ़ियाओं के साथ मिलकर लाखों रुपया के वारे न्यारे कर रहे हैं, उन्होने शराब की सरकारी नीति को दरकिनार कर रखा है, शराब माफ़िया आबकारी विभाग को अपने तरीक़े से चला रहे हैं!

Read More  जोगबनी से सिलीगुड़ी चलने वाली ट्रेन 13 जुलाई तक रद्द

व्यापारी हो रहे परेशान लगा रहता है शराबियों का जमावडा ,करते हैं लड़ाई झगड़े! 
मिली जानकारी के अनुसार न्यू आतिश मार्केट के व्यापारी इस शराब के ठेके से परेशान है, यहाँ आए दिन चोरी चकारी की घटनाएँ होती रहती है ,क्योंकि शराबी यहाँ पर देर रात शराब पीकर पड़े रहते हैं और उसके बाद चोरी चकारी को अंजाम देते हैं ,भविष्य में यहाँ पर कोई अप्रिय घटना घटने की आशंका भी लगातार बनी रहती है!

Read More  मुख्य गवाह राजकुमार के घर पहुंचे सांसद, दी आर्थिक सहायता


प्रिंट रेट से अधिक नहीं ले सकता ठेकेदार
आबकारी नियमों के तहत कोई भी शराब ठेकेदार प्रिंट रेट से अधिक राशि नही ले सकता है. इस नियम की शराब दुकानों पर धज्जियां उड़ रही हैं. प्रत्येक ब्रांड पर बियर हो देशी ,आर एम एल ,व्हिस्की हो क्वार्टर, हाफ पर 40 रुपये अधिक लिए जा रहे है. बोतल पर 100 रुपये अधिक लेते है!
अधिक राशि लेने की कोई शराबी शिकायत भी नही करता है क्योंकि शराब ठेकेदार मुस्टंडे रखता है,प्रिंट रेट में शराब मांगने पर वह मारपीट पर उतारू हो जाते हैं. शराब की दुकानों पर रेट लिस्ट तक नहीं चस्पा कर रखी है, जबकि नियमोन्तर्गत प्रत्येक शराब ठेकेदार को रेट लिस्ट चस्पा करना अनिवार्य है. आबकारी सी आई जानबूझकर अनजान बने हुए है. शराब ठेकेदार शराब का व्यापार कर रहे है,शराब विक्रेता तो खुलेआम कहता है कि हम बंदी देते हैं. स्थानीय बिट से लेकर आबकारी और पुलिस के आला अधिकारी सब शामिल है, कैसे निकाले इनका खर्चा?

Read More  औद्योगिक संस्थाएं भी आई आगे, निखरने लगा गंभीरी का स्वरूप

जयपुर में शराब के ठेकेदार दुकान के पास किराए पर लेकर शराबियों को शराब पीने की सहूलियत भी देते है. शराबियों की सहूलियत के हिसाब से नॉन वेज और अंडे की दुकान भी लगा रखी है ,कुल मिलाकर शराब ठेके को बियर बार बना दिया है, लेकिन जयपुर आबकारी अधिकारी के आंखों पर पट्टी बंधी हुई हैं,उन्हें कुछ दिखता ही नहीं. 

 आधी रात तक बिकती है शराब
आबकारी नियमो के तहत रात 8 बजे बाद शराब की दुकान से शराब नहीं बेची जा सकेगी. इस नियम का जयपुर के शराब ठेकेदारों ने मखोल बना रखा है। मुख्यालय पर ही रात 8 बजे बाद शराब सरेआम बिकती है. आस-पास खड़े होकर दुकान के अंदर आदमी बैठाकर शटर में छेद कर के शराब बेची जा रही है. कुछ शराब ठेकेदारों ने साइड में खिड़की खोल रखी है, शटर बंद और रात 8 बजे बाद खिड़की से शराब बेचना शुरू. सरेआम रात को शराब बिकती है. गांवों में तो शटर ही बंद नहीं होते!

जयपुर आबकारी अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से शराब ठेकेदारों को अभयदान मिला हुआ है. बेखौफ होकर शराब बेच रहे है, प्रिंट रेट से अधिक शराब के दाम लिए जा रहे हैं. आबकारी अधिकारी और पुलिस अधिकारी आखिर क्यों मौन है?

लायसेंस वैध, बाकी सब अवैध
शराब दुकानों पर नियमों का पालन नहीं करा पाने वाले आबकारी के अफसर  शराब ठेकेदारों पर खासी मेहरबानी कर रहे हैं।  दुकानों में धड़ल्ले से प्रतिबंधित डिस्पोजल बिक रहे हैं और इन्हीं में शराब परोसी जा रही है। जबकि सरकार ने इस तरह के डिस्पोजल गिलास पर पाबंदी लगाई है और इसका उपयोग या बिक्री करने वाले पर जुर्माना कार्रवाई का भी प्रावधान है।
ये हैं नियम
मदिरा की फुटकर बिक्री की दुकान के लायसेंसी द्वारा मदिरा दुकान पर अधिक से अधिक 10 फुट लम्बे एवं 4 फीट चौड़े या ऊंचे आकार का एक साईन बोर्ड लगाया जाएगा। जिस पर हिन्दी, अंग्रेजी में मोटे अक्षरों में केवल मदिरा दुकान का प्रकार उसकी अवस्थिति, लायसेंस का क्रमांक, लायसेंस की अवधि तथा लायसेंसी का नाम अंकित होगा। इस बोर्ड पर मदिरापान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, अंकित करना होगा। साईन बोर्ड के आस- पास मदिरा विज्ञापन संबंधी कोई दूसरा पोस्टर अथवा प्रचार सामग्री चस्पा या वर्णित नहीं होगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक मदिरा दुकान पर मदिरा की रेट लिस्ट लगाई जाएगी। इस नियम का पालन आबकारी विभाग नहीं करा पा रहा!

नहीं लगा रखा अनुज्ञाधारी का नाम और लाइसेंस नंबर

अनुज्ञाधारीको अपनी दुकान के दरवाजे पर एक साइन बोर्ड लगाना जरूरी है जिसमें लाइसेंसधारी का नाम, दुकान का विवरण, दुकान खुलने बंद होने का समय, जिला आबकारी अधिकारी से अनुमोदित होने का उल्लेख होना चाहिए। लेकिन अधिकतर लाइसेंसधारियों ने साईन बोर्ड नहीं लगाया है। मदिरा दुकान का केवल एक ही दरवाजा सार्वजनिक सड़क पर होने का नियम है तथा मुख्य दरवाजे के अतिरिक्त कोई खिड़की, आला या दीवार में छेद इत्यादि नहीं चाहिए। दुकान की बनावट इस तरह होनी चाहिए कि बाहर से भीतर सब कुछ स्पष्ट नजर आए।

About The Author

Post Comment

Comment List

Latest News

  न्याय संहिता से त्वरित न्याय मिलेगा और विश्वास भी बढ़ेगा- राजेंद्र शुक्ल न्याय संहिता से त्वरित न्याय मिलेगा और विश्वास भी बढ़ेगा- राजेंद्र शुक्ल
भाेपाल । भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ द्वारा शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में दण्ड संहिता से न्याय संहिता की...
10वीं-12वीं स्टेट ओपन परीक्षा में बड़े फर्जीवाडे का खुलासाः डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देते बीस को पकड़ा
विदेशी ताकतों के कारण भी हमें लाेकसभा चुनाव में कम सीटें मिली : सहस्त्रबुद्धे
जी-7 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेने रेजियो कैलाब्रिया का दौरे करेंगे गोयल
हरीश रावत ने काजी निजामुद्दीन को जीत की बधाई दी
वर्ल्ड स्काईडाइविंग डेः केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत ने उड़ते विमान से लगाई छलांग
छात्रसंघ राजनीति की पहली पाठशाला : गहलाेत